Friday, December 25, 2009

4 u tasu



happy x"mas day




jindgi k har panne me aaj tujhe phir yaad kiya..jati nahi teri yaad aisa maine kya kya na kiya...


ye nasha bhi feeka hai pad jata

Friday, December 18, 2009

khush raho.....



ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश रहो ... ऑफिस में खुश रहो, घर में खुश रहो ... ჯહઔહჯ═══■■═══ჯહઔહჯ आज पनीर नहीं है , दाल में ही खुश रहो ... आज जिम जाने का समय नहीं , दो कदम चल के ही खुश रहो ... ჯહઔહჯ═══■■═══ჯહઔહჯ आज दोस्तों का साथ नहीं, टीवी देख के ही खुश रहो ... घर जा नहीं सकते तो फ़ोन कर के ही खुश रहो ... ჯહઔહჯ═══■■═══ჯહઔહჯ आज कोई नाराज़ है, उसके इस अंदाज़ में भी खुश रहो ... जिसे देख नहीं सकते उसकी आवाज़ में ही खुश रहो ... ჯહઔહჯ═══■■═══ჯહઔહჯ जिसे पा नहीं सकते उसकी याद में ही खुश रहो Laptop न मिला तो क्या , Desktop में ही खुश रहो ... ჯહઔહჯ═══■■═══ჯહઔહჯ बिता हुआ कल जा चूका है , उसकी मीठी यादों में ही खुश रहो ... आने वाले पल का पता नहीं ... सपनो में ही खुश रहो ... ჯહઔહჯ═══■■═══ჯહઔહჯ हँसते हँसते ये पल बिताएँगे, आज में ही खुश रहो ज़िन्दगी है छोटी, हर पल khush raho....

r u tasu

humko tu na doshi thahra..tumko aaj bhi mis under standing..hai.....panna palta..dekh le...kisne kiske liye.kya kiya..hai...or kisne kiske sath fluid..tere har badduaaaaaaaaaaa mai aaj bhi leta..tu dil se ek baar baddua deke to dekh..tere kadmo k neeche aaj bhi jhuka baitha..hu...

4 u tasu

maine kabhi kishi ka na diltoda nahi..kishi.ka man vo to humko dosh dete hai.jo fluid karte the.kal..kishi sepyar kiya...kishi se vade..or kishi pyar ka natak....hum to ushki khunshi chahte the...ushke liye jo kiya..vo sahi...hai..........

Sunday, September 6, 2009

tasu 4 u




आँखें पलकें गाल भिगोना ठीक नहींछोटी-मोटी बात पे रोना ठीक नहींगुमसुम तन्हा क्यों बैठे हो सब पूछेंइतना भी संज़ीदा होना ठीक नहींकुछ और सोच ज़रीया उस को पाने काजंतर-मंत्र जादू-टोना ठीक नहींअब तो उस को भूल ही जाना बेहतर हैसारी उम्र का रोना-धोना ठीक नहींमुस्तक़बिल के ख़्वाबों की भी फिक्र करोयादों के ही हार पिरोना ठीक नहींदिल का मोल तो बस दिल ही हो सकता हैहीरे-मोती चांदी-सोना ठीक नहींकब तक दिल पर बोझ उठायोगे ‘परवाज़’माज़ी के ज़ख़्मों को ढ़ोना ठीक नहीं।

only 4 utasu







कोई दोस्त ऐसा बनाया जाये, जिसके आसुओं को पलकों में छुपाया जाए, रहे उसका मेरा रिश्ता कुछ ऐसा, की अगर वो रहे उदास तो हमसे भी न मुस्कुराया जाये आपने अपनी आँखों में नूर छुपा रखा है, होश वालो को दीवाना बना रखा है, नाज़ कैसे न करू आपकी दोस्ती पर, मुज जैसे नाचीज को खास बना रखा है... फूल सुख जाते है एक वक्त के बाद, लोग बदल जाते है एक वक़्त के बाद, अपनी दोस्ती भी टूटेगी एक वक़्त के बाद, लेकिन वोह वक़्त आयेगा मेरी मौत के बाद... हम दोस्ती में हद ए गुज़र जायेंगे , यह जिंदगी आपके नाम कर जायेंगे, आप रोया करेंगे हमे याद करके, आपके दामन में इतना प्यार छोड़ जायेंगे

Sunday, August 23, 2009

thi is a very classical blog









love




sab k liye hai




Friday, August 21, 2009

4 true love




उसकी बोझिल सासों में ,प्यार अभी जिंदा है ।वो मेरी यादों में सही , मगर अभी ज़िन्दा हैं ॥बच्चे उसके सो गए , सो गई हैं ख्वाहिशें ।उस दरवाज़े पर पड़ी , नज़र अभी ज़िन्दा हैं ॥मैकदे आज बंद हैं , और बंद हैं तीमारदार ।रिंद अभी ज़िन्दा हैं , बीमार अभी ज़िन्दा हैं॥दफन हो के भी तड़पता, क्यूँ रहा हूँ मैं यहाँ ?उस दवा का लगता है, असर अभी ज़िन्दा है ॥तुम देके भूल गई ,मैंने तो वापिस करना है ।तुम्हारा दिल , तुम्हारी यादें , उधार अभी ज़िन्दा है ॥तेरे आने की कभी, आई थी हमको जो ख़बर ।दूर होती आहटों की, ख़बर अभी ज़िन्दा है ॥शर्म आई ,बेवफाई , तूने परदा कर लिया ।तीर ऐ नज़र, होश ऐ असर, जिगर अभी ज़िन्दा है ॥इश्क हैं तो कायनात , मैं हूँ तो कुछ नहीं।मैं गया तो क्या गया , हज़ार अभी ज़िन्दा हैं॥बदल गई हो तुम तो क्या, आँखें नही बदली मगर ।और इन बेफिक्रिओं की , फिकर अभी ज़िन्दा है ॥

ये आंसुओ से तर हो सकते हैंरिश्ते और बेहतर हो सकते हैं
चंद सांसे अभी भी बाकी हैंमेरे नुख्से कारगर हो सकते हैं
हमें अब तक यकीं नहीं आयावो भी सितमगर हो सकते हैं
ये वक़्त का एक फलसफा हैफूल भी पत्थर हो सकते हैं
नुकसान की तो बात न करोये जनाब जानवर हो सकते हैं
दरख्त सूखने लगे अचानककई परिंदे बेघर हो सकते हैं
इस तरह मुलाक़ात की उसनेये चर्चे उम्र भर हो सकते हैं
अपने घर में कभी न सोचाहम भी बेक़दर हो सकते हैं
बात यकीं पे आके रुकती हैसायेबां सूखे शजर हो सकते हैं
कैफ़ियत यूँ ठीक नहीं अपनीतीर-ए-नज़र बेअसर हो सकते
हैं

4 some one


लहू पहाड़ के दिल का, नदी में शामिल है,तुम्हारा दर्द हमारी ख़ुशी में शामिल है.तुम अपना दर्द अलग से दिखा न पाओगे,तेरा जो दर्द है वो मुझी में शामिल है.गुजरे लम्हों को मैं अक्सर ढूँढती मिल जाऊँगी,जिस्म से भी मैं तुम्हे अक्सर जुदा मिल जाऊँगी.दूर कितनी भी रहूँ, खोलोगे जब भी आँख तुम,मैं सिरहाने पर तुम्हारे जागती मिल जाऊँगी.घर के बाहर जब कदम रखोगे अपना एक भी, बनके मैं तुमको तुम्हारा रास्ता मिल जाऊँगी.मुझपे मौसम कोई भी गुज़रे ज़रा भी डर नहीं,खुश्क टहनी पर भी तुमको मैं हरी मिल जाऊँगी.तुम ख्यालों में सही आवाज़ देके देखना,घर के बाहर मैं तुम्हें आती हुई मिल जाऊँगी.गर तसब्बुर भी मेरे इक शेर का तुमने किया,सुबह घर कि दीवारों पर लिखी हुई मिल जाऊँगी

some one


तुम्हारा है नहीं जो क्यों उसे अपना बताते होजो अपना हो नहीं सकता उसे अपना बनाते होये नश्वर देह नित्य है मगर देही है अनित्यभला क्यों भेद देह और देही का तुम भूल जाते होजहाँ से आये थे वापस वहीं पर लौट जाना हैयहीं रह जायेगा सब कुछ यहाँ जो भी कमाते होकोई परलोक की दौलत अभी तक जोड़ न पायेयहाँ की दौलतों को देख ना फूले समाते होकभी भी ध्यान-सिमरन में लगाया मन नहीं अपनाखलिश यम पाश को क्यों देख कर अब छटपटाते हो

Thursday, August 20, 2009



गुमसम तनहा बैठा होगासिगरट के कश भरता होगाउसने खिड़की खोली होगीऔर गली में देखा होगाज़ोर से मेरा दिल धड़का हैउस ने मुझ को सोचा होगासच बतलाना कैसा है वोतुम ने उस को देखा होगामैं तो हँसना भूल गया हूँवो भी शायद रोता होगाठंडी रात में आग जला करमेरा रास्ता तकता होगाअपने घर की छत पे बेठाशायद तारे गिनता होगा..............................

Wednesday, August 19, 2009

4 u



तेरे जाने पे जान पाये , कि विश्वासघात किसे कहते हैं।
बस ता- उम्र यही सोचेंगे, कि प्यार किसे कहते हैं॥तुम से मिल कर ही समझ पाये, कि धोखा किसे कहते हैं।हर घड़ी है सवालों की कशमकश, कि तुम्हारी इस अदा को क्या कहते है।।रोते-हँसते कट जायेगी ज़िन्दगी, पर हर साँस के साथ बेवफा तुम्हें कहते हैं।
कभी तो सोना है उम्रभर के लिए, पर जाग के हर एक पल मरना मुझे कहते हैं॥हर दम दे जाता है नया गम, क्या सच में प्यार इसी को कहते हैं।जब भी चाही खुशी रुस्बाई मिली, क्या किस्मत इसी को कहते हैं॥

spl 4 u tasu


दर्द से हाथ न मिलाते तो क्या करते,
गम के आँसू न बहाते तो क्या करते,
किसी ने माँगी थी हमसे रोशनी,
हम खुद को न जलाते तो क्या करते ? ?
मेरे दिल के ज़ख्म अब आह नही भरते,
क्योंकि वो अब इस दिल में रहा नही करते,
हमने आँसू से उनको विदाई दी है
इन आँखों में अब अश्क रहा नही करते! ! !
तुझे आँसू भरी वो दुआ मिले
जिसे कभी न इन्कार ख़ुदा करे,
तुझे हसरत न रहे कभी जन्नत की
तेरे आंगन में मोहब्बतों की ऐसी हवा चले…
चले गये हो दूर कुछ पल के लिये,
दूर रहकर भी करीब हो हर पल के लिये,
कैसे याद न आए आपकी एक पल के लिये,
जब दिल में हो आप हर पल के लिये…

नहीं होगा असर उन पर कभी आंसू बहाने सेये शामे ग़म भी ढलती है कहीं दिल के जलाने से
हुजूमे ग़म से घबराकर तू ऐ दिल आह न भरनातुझे हँस कर उठाना है अताए ग़म जमाने से
तेरी काफिर निगाहें भी मुजस्सिम हैं क़यामत कीये बाज़ आए नहीं हुस्ने बुताँ बिजली गिराने से
मैं बादा कश नहीं यारो मगर ये कैफ छाया है
ग़मे जानाँ को दिलबर दिलनशीं अपना बनाने से
करम फरमा याँ तौबा सुरुरे चश्मे जानाँ कीबहक जाएँ न हम साक़ी कहीं मय के पिलाने से
"जलील" ऐसी ग़ज़ल छेड़ो की वो मजबूर हो जाएँ
सुना है वो नहीं आए सरे महफ़िल जमाने से

4 u tasu


बेज़ार मैं रोती रही, वो बे-इन्तेहाँ हँसता रहा,
वक्त का हर इक कदम, राहे जुल्म पर बढ़ता रहा।
ये सोच के कि आँच से प्यार की पिघलेगा कभी,
मैं मोमदिल कहती रही, वो पत्थर बना ठगता रहा।
उसको ख़बर नहीं थी कि मैं बेखबर नहीं,
मैं अमृत समझ पीती रही, वो जब भी ज़हर देता रहा।
मैं बारहा कहती रही, ऐ सब्र मेरे सब्र कर,
वो बारहा इस सब्र कि, हद नयी गढ़ता रहा।
था कहाँ आसाँ यूँ रखना, कायम वजूद परदेस में,
पानी मुझे गंगा का लेकिन, हिम्मत बहुत देता रहा।
बन्ध कितने ढंग के, लगवा दिए उसने मगर,
'मशाल' तेरा प्रेम मुझको, हौसला देता रहा।।

गुजरे लम्हों को मैं अक्सर ढूँढती मिल जाऊँगी,जिस्म से भी मैं तुम्हे अक्सर जुदा मिल जाऊँगी.दूर कितनी भी रहूँ, खोलोगे जब भी आँख तुम,मैं सिरहाने पर तुम्हारे जागती मिल जाऊँगी.घर के बाहर जब कदम रखोगे अपना एक भी, बनके मैं तुमको तुम्हारा रास्ता मिल जाऊँगी.मुझपे मौसम कोई भी गुज़रे ज़रा भी डर नहीं,खुश्क टहनी पर भी तुमको मैं हरी मिल जाऊँगी.तुम ख्यालों में सही आवाज़ देके देखना,घर के बाहर मैं तुम्हें आती हुई मिल जाऊँगी.गर तसब्बुर भी मेरे इक शेर का तुमने किया,सुबह घर कि दीवारों पर लिखी हुई मिल जाऊँगी.

4 u tasu


लहू पहाड़ के दिल का, नदी में शामिल है,तुम्हारा दर्द हमारी ख़ुशी में शामिल है.तुम अपना दर्द अलग से दिखा न पाओगे,तेरा जो दर्द है वो मुझी में शामिल है.

नफरत हमें छू न सकी, प्यार को हम सम्हाल न सके.इक तुम्हारे बिछड़ जाने के डर से,हम हकीकत बयां कर न सके.मैंने अपनों को सिर्फ दोस्त समझा,वो जाने क्या क्या समझ बैठे.इसमें मेरी खता क्या है ऐ मालिक, जो हम दोस्ती को खुदा समझ बैठे.

पने आप को खुद से छिपाए बैठे हैं,हम तो दर्द को भी दिल में दबाये बैठे हैं.जो अपने दर्द से प्यार किया हमने तो लोग कहते हैं, हम किसी और से दिल लगाये बैठे हैं.

जमीं से आसमां बहुत दूर है,फिर मिलते से नज़र आते क्यों हैं,जब गिराने ही होते हैं मुकीमों को वो सारे मकाम,तो आसमां से मिलते मंजरों को बनाते क्यों हैं?

Tuesday, August 18, 2009

4utasu


नया नहीं बन पाया तो सम्बन्ध पुराना बना रहे,आखिर जीने की खातिर कोई बहाना बना रहे,सच कहता हूँ कभी नहीं मैं तुमसे कुछ भी चाहूंगा, बस बेगानी बस्ती में इक ठौर ठिकाना बना रहे.सहन कभी क्या कर पायेगी मेरे दिल की आहट यह,तुम बेगाने हो जाओ, गुलशन गुलज़ार ये बना रहे.सुबह देर से आँखें खोलीं मैंने केवल इसीलिए,बहुत देर तक इन आँखों में, इक ख्वाब सुहाना बना रहे.

Monday, August 17, 2009

4 some one


Some people come into your life for a SEASON, because your turn has come to share, grow or learn. They bring you an experience of peace or make you laugh. They may teach you something you have never done..... They usually give you an unbelievable amount of joy. Believe it, it is real. But only for a season.


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always with me tasu


Thank you for being a part of my life, whether you were a reason, a season or a lifetime.

true love

"the pain inside me is so strongI can't believe I was so wrongIt hurts and I cryI never even got to say goodbye"

love is blind



love is blind.

evry time love


every person create a love . but true love is success

sexy boys


sexy sexy boys

sexy boys


sexy sexy boys

my lovly friends

kaun hu mai


mai or mera janu

hi friend


hi tasu this 4 u
hi friend love is blind .love creat only 4 love b/w two person .

Sunday, August 16, 2009

हाँ मैं जानताहूँ की हम दोनों पागल है मगर मुहब्बत में

तासू

love



love is that feeling which can not express to words.